歌词
लो, चेहरा सुर्ख़ शराब हुआ, हाय
आँखों ने सागर छलकाया
लो, चेहरा सुर्ख़ शराब हुआ
आँखों ने सागर छलकाया
ये गुस्सा, हाय
ये गुस्सा तेरा, सुब्हान-अल्लाह
इक हुस्न का दरिया चढ़ आया
लो, चेहरा सुर्ख़ शराब हुआ
♪
ये गर्म निगाह, तौबा-तौबा
पत्थर में भी आग भड़क उठे
उस दिल का ख़ुदा ही हाफ़िज़ है
जो तेरी नज़र से टकराया
ये गुस्सा, ये गुस्सा तेरा, सुब्हान-अल्लाह
इक हुस्न का दरिया चढ़ आया
लो, चेहरा सुर्ख़ शराब हुआ
♪
देखो तो ज़रा तुम मौसम को
मौसम भी लरज़ता है डर से
वो ख़ौफ़ से बिजली काँप उठी
बादल का जोश उतर आया
ये गुस्सा, ये गुस्सा तेरा, सुब्हान-अल्लाह
इक हुस्न का दरिया चढ़ आया
लो, चेहरा सुर्ख़ शराब हुआ
♪
क्यूँ आग-बबूला होते हो?
अब छोड़ो ऐसे गुस्से को
होंठों की लाली कहती है
"इक शोला लब तक बढ़ आया"
ये गुस्सा, ये गुस्सा तेरा, सुब्हान-अल्लाह
इक हुस्न का दरिया चढ़ आया
लो, चेहरा सुर्ख़ शराब हुआ