歌词
८० बरस का बूढ़ा बाबा करने चला है आज लगन
मौत के पंजे से बचने को ब्याहने चला है नई दुल्हन
८० बरस का बूढ़ा
बालों में काली स्याही लगाए
अजी, वस्त्रों से वो अंग छुपाए
डगमग-डगमग नाड़ हिलाए
ठुमक-ठुमक कर पाँव बढ़ाए
मौत की रानी खड़ी पुकारे
क्या मन में हो रहा मगन?
८० बरस का बूढ़ा बाबा करने चला है आज लगन
८० बरस का बूढ़ा
♪
आड़-पड़ोसी कहे "दीवाना", अजी, बुद्धि का कुछ नहीं ठिकाना
लड़की के लड़के आ बोले, "दवें चले भई नानी-नाना"
लड़कों के लड़के बोले, "बूढ़े बाबा को फिर आया बचपन"
मेरे बाबा को फिर आया बचपन
८० बरस का बूढ़ा बाबा करने चला है आज लगन
८० बरस का बूढ़ा
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वो कस के कमर तैयार हुआ, झट घोड़े पर पतवार हुआ
खेद लगी घोड़ा बिदका, बूढ़े का बेड़ा पार हुआ
शादी के तराने बंद हुए, शादी के तराने...
शादी के तराने बंद हुए, चौतरफ़ा फैल गया मातम
८० बरस का बूढ़ा बाबा करने चल था नया लगन
८० बरस का बूढ़ा
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चौरी से सन गई चिता और जामे का बन गया कफ़न
और जामे का बन गया कफ़न
बाँध-बुध ले चले बराती, लड़के करें सब क्रिया करम
सगे-संबंधी खाएँ लड्डू, सगे-संबंधी
सगे-संबंधी खाएँ लड्डू, सबकी दूर हुई उलझन
८० बरस का बूढ़ा बाबा करने चल था नया लगन
८० बरस का बूढ़ा
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लड़की का लीलाम किया था, मात-पिता ने लेकर धन
अजी, मात-पिता ने लेकर धन
बूढ़े की सुन कर के मृत्यु वो भी मनाने लगे जसन
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कर दी जवान से शादी
कर दी जवान से शादी, उसकी लड़की का खुल गया करम
८० बरस का बूढ़ा बाबा करने चल था नया लगन
८० बरस का बूढ़ा
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धन के लोभी सोचो-समझो, पैसे पर मत बेचो धरम
अजी, पैसे पर मत बेचो धरम
गरीब गाय की कन्या पर कसाई का मत करो करम
"अपना जीवन-मरन सुधारो"
"अपना जीवन-मरन सुधारो"
बार-बार कहते हैं हम
८० बरस का बूढ़ा बाबा करने चल था नया लगन