歌词
वो ज़िंदगी जो थी अब तक तेरी पनाहों में
वो ज़िंदगी जो थी अब तक तेरी पनाहों में
चली है आज भटकने उदास राहों में
वो ज़िंदगी जो थी अब तक तेरी पनाहों में
♪
तमाम उम्र के रिश्ते घड़ी में खाक हुए
तमाम उम्र के रिश्ते घड़ी में खाक हुए
ना हम हैं दिल में किसी के ना हैं निगाहों में
ना हम हैं दिल में किसी के ना हैं निगाहों में
वो ज़िंदगी जो थी अब तक तेरी पनाहों में
♪
ये आज जान लिया अपनी कम नसीबी ने
ये आज जान लिया अपनी कम नसीबी ने
कि बेगुनाही भी शामिल हुई गुनाहों में
कि बेगुनाही भी शामिल हुई गुनाहों में
वो ज़िंदगी जो थी अब तक तेरी पनाहों में
♪
किसी को अपनी ज़रूरत ना हो तो क्या कीजै?
किसी को अपनी ज़रूरत ना हो तो क्या कीजै?
निकल पड़े हैं सिमटने कज़ा की बाँहों में
निकल पड़े हैं सिमटने कज़ा की बाँहों में
वो ज़िंदगी जो थी अब तक तेरी पनाहों में
चली है आज भटकने उदास राहों में
वो ज़िंदगी जो थी अब तक तेरी पनाहों में
वो ज़िंदगी जो थी अब तक तेरी पनाहों में