歌词
अकेला हूँ मैं हमसफ़र ढूँढता हूँ
मुहब्बत की मैं रहगुज़र ढूँढता हूँ
अकेला हूँ मैं हमसफ़र ढूँढता हूँ
मुहब्बत की मैं रहगुज़र ढूँढता हूँ
किसी को मैं शाम-ओ-सहर ढूँढता हूँ
अकेला हूँ मैं हमसफ़र ढूँढता हूँ
मुहब्बत की मैं रहगुज़र ढूँढता हूँ
ये महकी हुई रात कितनी हसीं है
ये महकी हुई रात कितनी हसीं है, मगर मेरे पहलू में कोई नहीं है
मगर मेरे पहलू में कोई नहीं है, मुहब्बत भरी इक नज़र ढूँढता हूँ
अकेला हूँ मैं हमसफ़र ढूँढता हूँ
मुहब्बत की मैं रहगुज़र ढूँढता हूँ
मेरे दिल में आजा, निगाहों में आजा
मेरे दिल में आजा, निगाहों में आजा, मुहब्बत की रंगीन राहों में आजा
मुहब्बत की रंगीन राहों में आजा, तुझी को मैं ओ बेख़बर ढूँढता हूँ
अकेला हूँ मैं हमसफ़र ढूँढता हूँ, मुहब्बत की मैं रहगुज़र ढूँढता हूँ
किधर जाऊँ वीरान हैं मेरी राहें
किधर जाऊँ वीरान हैं मेरी राहें, किसी को न अपना सकी मेरी आहें
किसी को न अपना सकी मेरी आहें, मैं आहों में अपनी असर ढूँढता हूँ
अकेला हूँ मैं हमसफ़र ढूँढता हूँ
मुहब्बत की मैं रहगुज़र ढूँढता हूँ
किसी को मैं शाम-ओ-सहर ढूँढता
अकेला हूँ मैं हमसफ़र ढूँढता हूँ, मुहब्बत की मैं रहगुज़र ढूँढता हूँ