歌词
तुम आ गए हो, नूर आ गया है
नहीं तो चरागों से लौ जा रही थी जीने की तुम से,
वजह मिल गयी है बड़ी बेवजह जिन्दगी जा रही थी कहा से चले,
कहा के लिए ये खबर नहीं थी मगर कोई भी सिरा,
जहा जा मिला वही तुम मिलोगे के हम तक तुम्हारी दुआं आ रही थी दिन डूबा नहीं,
रात डूबी नहीं जाने कैसा हैं सफ़र ख़्वाबों के दिए, आँखों में लिए वही आ रहे थे जहा से तुम्हारी सदा आ रही थी