歌词
जाऊँ कहाँ बता, ऐ दिल
दुनियाँ बड़ी है संगदिल
चाँदनी आई घर जलाने
सूझे ना कोई मंज़िल
जाऊँ कहाँ बता, ऐ दिल
दुनियाँ बड़ी है संगदिल
चाँदनी आई घर जलाने
सूझे ना कोई मंज़िल
जाऊँ कहाँ बता, ऐ दिल
♪
(इसे मुसीबत कहते हैं?)
झूठ मत बोलना (हैं?)
(ये तुझे कहाँ से मिली?)
(आज मैंने तुम्हें माफ़ कर दिया)
(रक्षाबंधन के दिन)
(भाई बहनों की रक्षा का वचन देते हैं)
(मैंने आज तुम्हारी रक्षा की)
(ये कभी ना भूलना)
♪
बन के टूटे यहाँ आरज़ू के महल
ये ज़मीं-आसमाँ भी गए हैं बदल
कहती है ज़िंदगी, "इस जहाँ से निकल"
कहती है ज़िंदगी, "इस जहाँ से निकल"
जाऊँ कहाँ बता, ऐ दिल
दुनियाँ बड़ी है संगदिल
चाँदनी आई घर जलाने
सूझे ना कोई मंज़िल
जाऊँ कहाँ बता, ऐ दिल
♪
(दूध गर्म था, गिर गया हाथ से)
(गिर गया या जानबूझ के गिरा दिया?)
(झूठ क्यूँ बोलती हो भाभी?)
(Meena, भाभी को झूठा कह रही हो)
बेशरम! (Shekhar!)
(मेरे पास वक्त नहीं है इन सब बातों के लिए)
(मैं जा रहा हूँ)
(नहीं भैया, ये तो बहन की एक प्रार्थना है)
(बहन हो और भाई राखी ना बँधवाए)
(तो बड़ा अपशगुन होता है, भैया)
(होता है तो होने दो)
♪
हाय, इस पार तो आँसुओं की डगर
जाने उस पार क्या हो, किसे है ख़बर
ठोकरें खा रही हर क़दम पर नज़र
ठोकरें खा रही हर क़दम पर नज़र
जाऊँ कहाँ बता, ऐ दिल
दुनियाँ बड़ी है संगदिल
चाँदनी आई घर जलाने
सूझे ना कोई मंज़िल
जाऊँ कहाँ बता, ऐ दिल