歌词
बे-इंतेहाँ
बे-इंतेहाँ
यूँ प्यार कर बे-इंतेहा
देखा करूँ सारी उमर
तेरे निशान बे-इंतेहाँ
कोई कसर ना रहे, मेरी खबर ना रहे
छुले मुझे इस कदर बे-इंतेहाँ
जब साँसों में तेरी साँसें घुली तो
फिर सुलगने लगे
एहसास मेरे मुझसे केहने लगे
हां बाहों में तेरी आ के जहाँ दो
यू सिमटने लगे
सैलाब जैसे कोई बेहने लगे
खोया हूँ मैं आगोश में
तू भी कहाँ अब होश में
मखमली रात की हो ना सुबह
बे-इंतेहाँ, बे-इंतेहाँ
यू प्यार कर बे-इंतेहा
देखा करूँ सारी उमर
तेरे निशान बे-इंतेहाँ
हा छू तो लिया है ये जिस्म तूने
रूह भी चूम ले
अल्फ़ाज़ भीगे-भीगे क्यूँ हैं मेरे
दो बेख़बर भीगे बदन
हो बेसबर भीगे बदन
ले रहे रात भर अंगड़ाइयाँ
बे इंतेहा, बे इंतेहा
यू प्यार कर, बे इंतेहा
देखा करूँ सारी उमर
तेरे निशान बे-इंतेहाँ
कोई कसर ना रहे, मेरी खबर ना रहे
छुले मुझे इस कदर बे-इंतेहाँ