歌词
थी आबाद जिन से चमन की गली
थी आबाद जिन से चमन की गली
वो ले कर गए ख़्वाब की हर कली
मिले ख़ाक में गुलिस्ताँ कैसे-कैसे
ज़माने ने मारे जवाँ कैसे-कैसे
ज़मीं खा गई आसमाँ कैसे-कैसे
ज़माने ने मारे जवाँ कैसे-कैसे
लहू बन के बहने दो आँसू तमाम
के होगा इन्हीं से बहारों का नाम
बनेंगे अभी आशियाँ कैसे-कैसे
ज़माने ने मारे जवाँ कैसे-कैसे
ज़मीं खा गई आसमाँ कैसे-कैसे
ज़माने ने मारे जवाँ कैसे-कैसे