歌曲 / 歌词

Musafir

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歌词

मुसाफ़िर में हूँ, ये किस मोड़ पर?
नज़र में नहीं है कोई भी डगर
परिंदा जैसे फीरे दर्बदर
ये पूछे कहाँ है मेरा एक बसर?
जहाँ वक़्त हो थमा और हो सुकून ज़रा
क्यूँ तन्हाईयायाँ यैइयायाँ?
दिल की दुहाययाँ यैइयायाँ
क्यूँ यह जूदायायाँ यैइयायाँ?
रूह में समाईयायाँ यैइयायाँ
मैं ही नज़र, मैं ही जुबान
मैं ही तो ख्वाहिश, ख्वाबों में हूँ
मैं ही असर, मैं ही वजह
मैं ही तो अपने इरादों में हूँ
खुद से ही रोशन, खुद का मैं हमदम
खुद का हूँ रहबर
है खुद पे यकीन बस मुझे
हूँ, पर अपनो से फासले हैं
क्यूँ तन्हाईयायाँ यैइयायाँ?
दिल की दुहाययाँ यैइयायाँ
क्यूँ यह जूदायायाँ यैइयायाँ?
रूह में समाईयायाँ यैइयायाँ
एक एहसान कर दे ज़रा
अपनी मोहब्बत की देदे पनाह
जीने का है तू ही सबब
फिर क्या करूँ मैं, ये जज़्बात बयान?
तुझसे जुड़ूँ मैं, जुड़ा ही रहूँ मैं
तेरी वफाओं के साए में ये सफ़र कटे
क्यूँ तन्हाईयायाँ यैइयायाँ?
दिल की दुहाययाँ यैइयायाँ
क्यूँ यह जूदायायाँ यैइयायाँ?
रूह में समाईयायाँ यैइयायाँ
मुसाफिर मैं हूँ, ये किस मोड़ पर
नज़र में नहीं है कोई भी डगर
परिंदा जैसे फिरे दर-बदर
ये पूछे कहाँ है मेरा एक बसर?
जहाँ वक़्त हो थमा और हो सुकून ज़रा