歌词
उठो उठो सकल जना
सुमिरन करो श्री गजानना
गौरी शिव का नंदना
गजवदाना गणपति
उठो उठो सकल जना
धरो ध्यान में सुखमूर्ति
सुमिरन करो उसकी कीर्ति
देता ज्ञान मंगलमूर्ति
मोक्ष की हो सुखप्राप्ति
उठो उठो सकल जना
जो भक्तों का दुखत्रता
वंदन सुरापति समर्थ
वोही मिटाए भव चिंता
वि घाना बढ़ा विनाशाए
उठो उठो सकल जना
तू है सुखोन का सागर
श्री गणराज विघ्नेश्वरा
विंति करुण में गिरधार
नित्या भक्ति भव से
उठो उठो सकल जना
सुमिरन करो श्री गजानना
गौरी शिव का नंदना
गजवदाना गणपति
उठो उठो सकल जना