歌词
बंगले के पीछे, तेरी बेरी के नीचे
हाय, रे पिया, आहा रे, आहा रे, आहा रे, पिया
काँटा लगा, हाय लगा
हाँ, आजा, हाँ, राजा
बंगले के पीछे, तेरी बेरी के नीचे
हाय, रे पिया, आहा रे, आहा रे, आहा रे, पिया
काँटा लगा, हाय लगा
हाँ, आजा, हाँ, राजा
बंगले के पीछे, तेरी बेरी के नीचे
हाय, रे पिया
बिंदिया छिपाए रे, लाली चुनर ओढ़ के, मूँद के मुखड़ा अपना
निकली अँधेरे में दुनिया के डर से मैं, सजना
बिंदिया छिपाए रे, लाली चुनर ओढ़ के, मूँद के मुखड़ा अपना
निकली अँधेरे में दुनिया के डर से मैं, सजना
रात बैरन हुई, ओ, रे साथिया
देख हालत मेरी, आ, लेकर दिया
हाय रे, बंगले के पीछे, तेरी बेरी के नीचे
हाय, रे पिया, आहा रे, आहा रे, आहा रे, पिया
काँटा लगा, हाय लगा
हाँ, आजा, हाँ, राजा
बंगले के पीछे, तेरी बेरी के नीचे
हाय, रे पिया
आई मुसीबत तो अब सोचती हूँ, मैं क्यूँ रह सकी ना तेरे बिन
सच ही तो कहती थी सखियाँ, "फँसेगी तू एक दिन"
आई मुसीबत तो अब सोचती हूँ, मैं क्यूँ रह सकी ना तेरे बिन
सच ही तो कहती थी सखियाँ, "फँसेगी तू एक दिन"
भूल तो हो गई, जो किया सो किया
तू बचा ले, बलम, आज मेरा जिया
हाय रे, बंगले के पीछे, तेरी बेरी के नीचे
हाय, रे पिया, आहा रे, आहा रे, आहा रे, पिया
काँटा लगा, हाय लगा
हाँ, आजा, हाँ, राजा
बंगले के पीछे, तेरी बेरी के नीचे
हाय, रे पिया
सबको पुकारे, अनाड़ी ना समझे, ये मिलने का सारा जतन है
कैसे बताऊँ ये चाहत की, सैयाँ, चुभन है?
सबको पुकारे, अनाड़ी ना समझे, ये मिलने का सारा जतन है
कैसे बताऊँ ये चाहत की, सैयाँ, चुभन है
ये वो काँटा, सजन, जाए लेकर जिया
नैन सुई लगे, तो निकले पिया
हाय रे, बंगले के पीछे, तेरी बेरी के नीचे
हाय, रे पिया, आहा रे, आहा रे, आहा रे, पिया
काँटा लगा, हाय लगा
हाँ, आजा, हाँ, राजा
बंगले के पीछे, तेरी बेरी के नीचे
हाय, रे पिया
हाय, रे पिया
हाय रे...