歌词
चारों तरफ़ तनहाई है, एक उदासी छाई है
सोच के उसकी बातों को आँख मेरी भर आई है
बेचैनी है साँसों में, दर्द उठा है सीने में
बिछड़ के अपने दिलबर से आए मज़ा ना जीने में
कितना मुझे तड़पाती है
वो लड़की बहुत याद आती है
वो लड़की बहुत याद आती है
वो लड़की बहुत याद आती है
वो लड़की बहुत याद आती है
कभी मुझ को हँसाए, कभी मुझ को रुलाए
मुझे कितना सताती है
मेरे सपनों में आए, मेरे दिल को चुराए
मुझे कितना सताती है
वो लड़की बहुत याद आती है
वो लड़की बहुत याद आती है
वो लड़की बहुत याद आती है
वो लड़की बहुत याद आती है