歌词
लगता नहीं है दिल मेरा उजड़े दयार में
किस की बनी है आलम-ए-ना-पाएदार में?
कह दो इन हसरतों से कहीं और जा बसें
इतनी जगह कहाँ है दिल-ए-दाग़दार में
इतनी जगह कहाँ है दिल-ए-दाग़दार में
उम्र-ए-दराज़ माँग के लाए थे चार दिन
दो आरज़ू में कट गए, दो इंतज़ार में
दो आरज़ू में कट गए, दो इंतज़ार में
इतना है बदनसीब ज़फ़र दफ़्न के लिए
इतना है बदनसीब ज़फ़र दफ़्न के लिए
दो गज़ ज़मीन भी ना मिली कू-ए-यार में
दो गज़ ज़मीन भी ना मिली कू-ए-यार में
लगता नहीं है दिल मेरा उजड़े दयार में