歌词
आने से उस के आए बहार
जाने से उस के जाए बहार
बड़ी मस्तानी है, मेरी महबूबा
मेरी ज़िंदगानी है, मेरी महबूबा
आने से उस के आए बहार
जाने से उस के जाए बहार
बड़ी मस्तानी है, मेरी महबूबा
मेरी ज़िंदगानी है, मेरी महबूबा
♪
गुनगुनाए ऐसे जैसे बजते हों घुँघरू कहीं पे
आ के पर्वतों से जैसे गिरता हो झरना ज़मीं पे
झरनों की मौज है वो
मौजों की रवानी है, मेरी महबूबा, महबूबा
मेरी ज़िंदगानी है, मेरी महबूबा
♪
बन-सँवर के निकले, आए सावन का जब-जब महीना
हर कोई ये समझे; होगी वो कोई चंचल हसीना
पूछो तो कौन है वो
रुत ये सुहानी है, मेरी महबूबा
मेरी ज़िंदगानी है, मेरी महबूबा, महबूबा
बड़ी मस्तानी है, मेरी महबूबा