歌曲 / 歌词

Rimjhim Gire Sawan (Male Version) - From "Manzil"

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歌词

रिमझिम गिरे सावन
सुलग-सुलग जाए मन
भीगे आज इस मौसम में
लगी कैसी ये अगन
रिमझिम गिरे सावन
सुलग-सुलग जाए मन
भीगे आज इस मौसम में
लगी कैसी ये अगन
रिमझिम गिरे सावन
जब घुँघरूओं सी बजती हैं बूंदे
अरमाँ हमारे पलकें ना मूंदे
कैसे देखे सपने नयन
सुलग-सुलग जाए मन
भीगे आज इस मौसम में
लगी कैसी ये अगन
रिमझिम गिरे सावन
रिमझिम गिरे सावन
सुलग-सुलग जाए मन
भीगे आज इस मौसम में
लगी कैसी ये अगन
रिमझिम गिरे सावन
सुलग-सुलग जाए मन
भीगे आज इस मौसम में
लगी कैसी ये अगन
ला-ला-ला-ला-ला-ला-ला
पहले भी यूँ तो बरसे थे बादल
पहले भी यूँ तो भीगा था आँचल
ला-ला-ला, ला-ला-ला-ला, ला-ला-ला
पहले भी यूँ तो बरसे थे बादल
पहले भी यूँ तो भीगा था आँचल
अब के बरस क्यूँ सजन, सुलग-सुलग जाए मन?
भीगे आज इस मौसम में, लगी कैसी ये अगन?
रिमझिम गिरे सावन
ला-ला-ला-ला-ला-ला-ला-ला
रिमझिम गिरे...