歌词
बाप का घर क्या, भाई का घर क्या
आज समझ सब को अनजान
लड़की जिस घर में पलती है
उस घर होती है मेहमान
जा री, बहना, जा
तू अपने घर जा
जा री, बहना, जा
तू अपने घर जा
लड़की का जब बचपन जाए
मैका साथ ही जाए
उसके जीवन-साथी का घर
उसका घर कहलाए
जा री, बहना, जा
तू अपने घर जा
जा री, बहना, जा
तू अपने घर जा
लड़की के जीवन में जिस दिन
ये शुभ अवसर आए
सास बने माता उसकी और
ससुर पिता कहलाए
जा री, बहना, जा
तू अपने घर जा
जा री, बहना, जा
तू अपने घर जा
जा री, बहना, जा तुझको
ये नवजीवन रास आए
तेरे अंगना लक्ष्मी नाचे
दुर्गा दीप जलाए
जा री, बहना, जा
तू अपने घर जा
जा री, बहना, जा
तू अपने घर जा