歌词
होंठों से छूलो तुम
मेरा गीत अमर कर दो
होंठों से छूलो तुम
मेरा गीत अमर कर दो
बन जाओ मीत मेरे
मेरी प्रीत अमर कर दो
होंठों से छूलो तुम
मेरा गीत अमर कर दो
♪
न उमर की सीमा हो
न जनम का हो बंधन
जब प्यार करे कोई
तो देखे केवल मन
नई रीत चलाकर तुम
ये रीत अमर कर दो
होंठों से छूलो तुम
मेरा गीत अमर कर दो
♪
आकाश का सूनापन
मेरे तनहा मन में
पायल छनकाती तुम
आजाओ जीवन में
साँसें देकर अपनी
संगीत अमर कर दो
होंठों से छूलो तुम
मेरा गीत अमर कर दो