歌词
क़ाफ़ी पहले एक मशहूर journalist ने
लता जी का interview लिया था
और उनसे पूछा के, "आप अगले जनम में
क्या बनना चाहती है?"
उन्होने कहा, "भगवान जो भी मुझे बनाएगा मैं बन जाऊँगी
लेकिन लता मंगेशकर नही बनूँगी"
उसने पूछा, "क्यूँ?"
कहने लगी, "लता के दुख, सिर्फ़ लता जानती है"
बेताब दिल की तमन्ना यहीं हैं
तुम्हें चाहेंगे, तुम्हें पूजेंगे
तुम्हें अपना खुदा बनाएँगे
बेताब दिल की तमन्ना यहीं है
♪
सूने-सूने ख्वाबों में जब तक तुम ना आए थे
खुशियाँ थी सब औरों की, ग़म भी सारे पराए थे
अपने से भी छुपाई थी धड़कन अपने सीने की
हमको जीना पड़ता था, ख्वाहिश कब थी जीने की
अब जो आ के तुमने
हमें जीना सिखा दिया हैं
चलो दुनिया नई बसाएँगे
बेताब दिल की तमन्ना यहीं है
♪
भीगी-भीगी पलकों पर सपने कितने सजाए हैं
दिल में जितना अँधेरा था, उतने उजाले आए हैं
तुम भी हमको जगाने ना, बाहों में जो सो जाए
जैसे खुशबू फूलों में, तुम में यूँ ही खो जाए
पल भर किसी जनम में
कभी छूटे ना साथ अपना
तुम्हें ऐसे गले लगाएँगे
बेताब दिल की तमन्ना यहीं है
♪
वादें भी है, क़समें भी, बीता वक़्त इशारों का
कैसे-कैसे अरमाँ है? मेला जैसे बहरों का
सारा गुलशन दे डाला, चली आ और खिलाओ ना
हँसते-हँसते रो दे हम, इतना भी तो हँसाओ ना
दिल में तुम ही बसे हो
रहा आँचल वो, भर चूका हैं
कहाँ इतनी खुशी छुपाएँगे
बेताब दिल की तमन्ना यहीं है
तुम्हें चाहेंगे, तुम्हें पूजेंगे
तुम्हें अपना खुदा बनाएँगे
बेताब दिल की तमन्ना यहीं है