歌词
इस ज़माने में है बदनसीबी बुरी
बदनसीबी से भी ये ग़रीबी बुरी
बिक गई शर्म की एक चिलमन थी जो
कल तलक साहिबों दिल की धड़कन थी जो
आज वो घुँघरुओं की सदा बन गई
मैं खता बन गई, मैं सज़ा बन गई
मैं खता बन गई, मैं सज़ा बन गई
मैं तो थी एक दुआ, बददुआ बन गई
मैं तो थी एक दुआ, बददुआ बन गई
मैं खता बन गई, मैं सज़ा बन गई
♪
मैं तो बचपन की थी एक कहानी अभी
मैं तो बचपन की थी एक कहानी अभी
मुझपे आयी ना थी ये जवानी अभी
मेरी तक़दीर यूँ मेरी दुश्मन बनी
ना मैं सजनी बनी, ना मैं दुल्हन बनी
उससे पहले...
उससे पहले ही मैं दिलरूबा बन गई
मैं खता बन गई, मैं सज़ा बन गई
मैं तो थी एक दुआ, बददुआ बन गई
मैं खता बन गई, मैं सज़ा बन गई
♪
जाने किस भूल की याद खोई हूँ मैं
जाने किस भूल की याद खोई हूँ मैं
याद करके इसे कितना रोई हूँ मै
सोचती हूँ कभी, "क्या मैं इंसान हूँ?"
आईना देख कर मैं तो हैरान हूँ
क्या थी ये...
क्या थी ये ज़िन्दगी और क्या बन गई
मैं खता बन गई, मैं सज़ा बन गई
मैं तो थी एक दुआ, बददुआ बन गई
मैं खता बन गई, मैं सज़ा बन गई
♪
मेरे सर पे बड़े सख्त इल्ज़ाम हैं
मेरे सर पे बड़े सख्त इल्ज़ाम हैं
मेरे दिल पे लिखे सैकड़ों नाम हैं
ना किसी ने किया प्यार मुझसे कभी
ना किसी से किया प्यार मैंने अभी
मैं भला...
मैं भला किस तरह बेवफ़ा बन गई
मैं खता बन गई, मैं सज़ा बन गई
मैं तो थी एक दुआ, बददुआ बन गई
मैं खता बन गई, मैं सज़ा बन गई