歌词
पूछो ना कैसे मैंने रैन बिताई
पूछो ना कैसे मैंने रैन बिताई
इक पल जैसे इक जुग बीता
इक पल जैसे इक जुग बीता
जुग बीते, मोहे नींद ना आयी
पूछो ना कैसे मैंने रैन बिताई
उत जले दीपक, इत मन मेरा
फिर भी ना जाए मेरे घर का अँधेरा
उत जले दीपक, इत मन मेरा
मन मेरा, मेरा
उत जले दीपक, इत मन मेरा
फिर भी ना जाए मेरे घर का अँधेरा
तड़पत-तरसत उमर गँवाई
पूछो ना कैसे मैंने रैन बिताई
ना कहीं चंदा, ना कहीं तारे
ज्योत के प्यासे मेरे नैन बेचारे
ना कहीं चंदा, ना कहीं तारे
ज्योत के प्यासे मेरे नैन बेचारे
भोर भी आस की किरण ना लाई
पूछो ना कैसे मैंने रैन बिताई
पूछो ना कैसे मैंने रैन बिताई