歌词
दिया धक्का रात को और हो गई सुबह
नखरीली ओस को भी है लिया मना
दिया धक्का रात को और हो गई सुबह
नखरीली ओस को भी है लिया मना
झूठी जो बात थी, कर ली है फिर शुरू
रस्ते भी हँस रहे जो हैं चले
बस मैं और तू, hmm-hmm
बस मैं और तू, hmm-hmm
बस मैं और तू
♪
सोच ना जो कल हुआ
सोच ना क्या होगा कल
बहने दे बेफ़िकर
बेपरवाह ये सारे पल
चाय में बिस्कुट डूबा, बारिश से बूँदें चुरा
औरों की ना सोच तू, आजा चलें
यूँ मैं और तू, hmm-hmm
यूँ मैं और तू, hmm-hmm
यूँ मैं और तू
♪
बाँध कन्नी चाँद में, चल अपनी पतंग उड़ाए
आसमाँ से फेंक लंगर तारे कुछ गिराएँ
बाँध कन्नी चाँद में, चल अपनी पतंग उड़ाए
आसमाँ से फेंक लंगर तारे कुछ गिराएँ
कर बादल मुठ्ठी में, डर लाँघे चुटकी में
चलें, आज चल इस तरह कि ना थे रुके कभी
फिर मैं और तू, hmm-hmm
फिर मैं और तू, hmm-hmm
फिर मैं और तू
♪
कुछ भी ना माँगूँ मैं
किसी की ना मानूँ मैं
ख़ुश है तू, संग है तू
बस इतना जानूँ मैं
जो देगी हाथ तू, दूँगा मैं साथ यूँ
मैं तेरे साथ हूँ, चल, चल पड़ें
अब मैं और तू, hmm-hmm-hmm
अब मैं और तू, hmm-hmm-hmm
अब मैं और तू
अब मैं और तू