歌词
ख्वाबों के परिंदे, चले हैं बसाने आशियाना
रोको ना उन्हें कोई, टूटे ना ये सपना सुहाना
कहीं दूर चल दिए
हो ना जाएं मनचले
भीड़ में बेगाने
♪
ख्वाबों के परिंदे, निकल पड़े हैं तूफ़ान में
कोई ना सताओ उन्हें, उड़ने दो खुले आसमान में
ना हो तुम हैरान
तोड़ो ना इनकी उड़ान
फ़िज़ूल की बातों से
♪
ख्वाबों के परिंदे, चले हैं बसाने आशियाना
रोको ना उन्हें कोई, टूटे ना ये सपना सुहाना