歌词
जी, खड़े-खड़े क्या देख रहे हैं आप?
कमाल है, उस चाँद को घंटों देखता रहा
उसने एक बार भी नहीं टोका
तो चाँद को ही देखिए ना
Hmm, मगर वो साँस नहीं लेता
रात की हथेली पर चाँद जगमगाता है
रात की हथेली पर चाँद जगमगाता है
उसकी नर्म किरणों में तुम को देखता हूँ तो
दिल धड़क सा जाता है, दिल धड़क सा जाता है
रात की हथेली पर चाँद जगमगाता है
रात की हथेली पर चाँद जगमगाता है
"तुम कहाँ से आई हो? किस नगर को जाओगी?
तुम कहाँ से आई हो? किस नगर को जाओगी?"
सोचता हूँ मैं हैराँ, चाँद जैसा ये चेहरा
रात जैसी ये ज़ुल्फ़ें, हैं जगाएँ १०० अरमाँ
इक नशा सा आँखों में धीरे-धीरे छाता है
रात की हथेली पर चाँद जगमगाता है
रात की हथेली पर चाँद जगमगाता है
उसकी नर्म किरणों में तुम को देखता हूँ तो
दिल धड़क सा जाता है, दिल धड़क सा जाता है
रात की हथेली पर चाँद जगमगाता है
मेरी इस तनहाई में, मेरे इस वीराने में
मेरी इस तनहाई में, मेरे इस वीराने में
रंग लेके तुम आई, फिर भी सोचता हूँ मैं
"क्या यहाँ तुम सचमुच हो या हो सिर्फ़ परछाई?"
ख़ाब जैसे बनता है, और टूट जाता है
रात की हथेली पर चाँद जगमगाता है
रात की हथेली पर चाँद जगमगाता है
उसकी नर्म किरणों में तुम को देखता हूँ तो
दिल धड़क सा जाता है, दिल धड़क सा जाता है
रात की हथेली पर चाँद जगमगाता है
रात की हथेली पर चाँद जगमगाता है