歌词
ऐ ख़ुदा, तूने मोहब्बत ये बनाई क्यूँ है?
ऐ ख़ुदा, तूने मोहब्बत ये बनाई क्यूँ है?
'गर बनाई तो मोहब्बत में जुदाई क्यूँ है?
'गर बनाई तो मोहब्बत में जुदाई क्यूँ है?
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क्यूँ दिया प्यार मुझे? इसकी ज़रूरत क्या थी?
मेरी बरबादी में शामिल में तेरी हिकमत क्या थी?
मेरी राहों में तो खुशबू का सफ़र रहता था
दिल में आबाद गुलाबों का नगर रहता था
ज़िंदगी ख़ार भरी राह में लाई क्यूँ है?
ज़िंदगी ख़ार भरी राह में लाई क्यूँ है?
ऐ ख़ुदा, तूने मोहब्बत ये बनाई क्यूँ है?
ऐ ख़ुदा, तूने मोहब्बत ये बनाई क्यूँ है?
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मैं अगर रोऊँ तो सहरा को समंदर कर दूँ
सख़्त हो जाऊँ अगर, मोम को पत्थर कर दूँ
राख हो जाए जहाँ, मैं जो अगर आह भरूँ
आसमाँ टूट पड़े तुझ से जो फ़रियाद करूँ
इतनी गहराई मेरे इश्क़ में आई क्यूँ है?
इतनी गहराई मेरे इश्क़ में आई क्यूँ है?
ऐ ख़ुदा, तूने मोहब्बत ये बनाई क्यूँ है?
ऐ ख़ुदा, तूने मोहब्बत ये बनाई क्यूँ है?
'गर बनाई तो मोहब्बत में जुदाई क्यूँ है?
'गर बनाई तो मोहब्बत में जुदाई क्यूँ है?