歌词
दुल्हन सी सजी धरती खुला वह आसमान
हो दुल्हन सी सजी धरती खुला वह आसमान
बुलाता है हमें फिर वह चाहत का जहाँ
आ अब लौट चलें
हो... आ अब लौट चलें
आ अब लौट चलें
आ अब लौट चलें
अनजान था मैं, नादाँ था मैं
तेरे प्यार को जो न समझ पाया
तूने इतना बेचैन किया
मैं तेरे पास चला आया
तेरी सांसें मेरा जीवन
मेरे दिल में तेरा घर है
ज़रा देखे कोई इसको
यह जन्नत से भी सुन्दर है
बिना तेरे नहीं चाइना
नहीं चाइना यहाँ
आ अब लौट चलें
हो... आ अब लौट चलें
आ अब लौट चलें
है... आ अब लौट चलें
एक पल के लिए एक दिन के लिए
न दूर मैं तुझसे जाउंगी
तेरी पलकों की इन गलियों में
सपनों की सेज सजाऊंगी
तुझे देखूं, तुझे चाहूँ
तेरी खुशबु में खो जाऊं
एहि मेरी तमन्ना है
तेरी बाहों में सो जाऊं
दर्द -इ -दिल नहीं सहना
नहीं सहना यहाँ
आ अब लौट चलें
हो... आ अब लौट चलें
आ अब लौट चलें...
आ अब लौट चलें
दुल्हन सी सजी धरती खुला वह आसमान
बुलाता है हमें फिर वह चाहत का जहाँ
आ अब लौट चलें
हो... आ अब लौट चलें
आ अब लौट चलें
आ अब लौट चलें