歌词
ओ, राँझणा वे, तेरी साँसों पे
थोड़ा सा वतन का भी हक था
ना देख मुझे यूँ मुड़-मुड़ के
तेरा-मेरा साथ यहीं तक था
ये तेरी ज़मीं
तेरे खून से ही तो सजती-सँवरती है, राँझे
तेरे इश्क की मैं हक़दार नहीं
तेरी हीर तो धरती है, राँझे (हाए)
तेरी मिट्टी में मिल ਜਾਵਾਂ
गुल बनके मैं खिल ਜਾਵਾਂ
इतनी सी है दिल की आरज़ू
तेरी नदियों में बह ਜਾਵਾਂ
तेरे खेतों में ਲਹਰਾਵਾਂ
इतनी सी है दिल की आरज़ू
ऐ मेरी ज़मीं
अफ़सोस नहीं जो तेरे लिये १०० दर्द सहे
महफ़ूज़ रहे तेरी आन सदा
चाहे जान मेरी ये रहे-ना-रहे
ऐ मेरी ज़मीं, महबूब मेरी
मेरी नस-नस में तेरा इश्क़ बहे
"फीका ना पड़े कभी रंग तेरा"
जिस्मों से निकल के खून कहे, हाए
तेरी मिट्टी में...
गुल बनके मैं...
इतनी सी है दिल की आरज़ू (हाए)
हो, तेरी नदियों में बह ਜਾਵਾਂ
तेरी फ़सलों में ਲਹਰਾਵਾਂ
इतनी सी है दिल की आरज़ू