歌词
हम दो राही, इन राहों में, खिलती सुबह के संग - संग बह चला मन
• मीठे ईशारे करती हवाएँ, जाने किस धुन में खोकर बैहका है मन •
हम दो राही, इन राहों में, खिलती सुबह के संग - संग बह चला मन
• मीठे ईशारे करती हवाएँ, जाने किस धुन में खोकर बैहका है मन •
थम जाए ये पल इन राहों में⁴ ♣
धुँधले से इन नजारों में एक आस है
गहरी जुल्फों के साए में कोई धूप है
धुँधले से इन नजारों में एक आस है
गहरी जुल्फों के साए में कोई धूप है
सोचो न, इस दिल की बात ♥
चुपके से कहने दो
थम जाए ये पल इन राहों में³ ♣
थम जाए ये पल ♣
सोई सी इन वादियों में एक प्यास है
खोई - खोई निगाहों में एक सवाल है
पूछो न
इस दिल कि य बात ♥
संभले न, अनकहे जजबात
थम जाए ये पल⁴ ♣