歌词
आप को देख कर, देखता रह गया
आप को देख कर, देखता रह गया
क्या कहूँ, क्या कहूँ, क्या कहूँ...
क्या कहूँ, और कहने को क्या रह गया?
आप को देख कर, देखता रह गया
क्या कहूँ, और कहने को क्या रह गया?
आप को देख कर, देखता रह गया
इसी बहर में Wasim Barelvi की ग़ज़ल है
आते-आते मेरा नाम सा रह गया
आते-आते मेरा नाम सा रह गया
आते-आते मेरा नाम सा रह गया
आते-आते मेरा नाम सा रह गया
आते-आते मेरा नाम सा रह गया
आते-आते मेरा नाम सा रह गया