歌词
आज की रात क़यामत की है
आज है अपनी सादी
अपने हाथों छीन रहे हैं अपनी ही आजादी, हाए
आशिक़ की है बारात ज़रा झूम के निकले
आशिक़ की है बारात ज़रा झूम के निकले
गलियों से बाजरों से ज़रा घूम के निकले
गाओ रे साथियों, नाचो रे बरातियों
(गाओ रे साथियों, नाचो रे बरातियों)
आशिक़ की है बारात ज़रा झूम के निकले
गलिओं से बाजरों से ज़रा घूम के निकले
(आशिक़ की है बारात ज़रा झूम के निकले)
(गलियों से बाजरों से ज़रा घूम के निकले)
♪
आशिक़ है आज का दूल्हा
आशिक़ है सारे बाराती
हे, आशिक़ है आज का दूल्हा
आशिक़ है सारे बाराती
आशिक़ शहर में हैं जिनते
वो आज है अपने साथी
अरे बरसों के बाद आई आँखरी ये रात
बनेगी दिल की बात, होगी महबूबा साथ
ये गूंगी सही नहीं जाती
हाए, गूंगी सही नहीं जाती
गाओ रे साथियों, नाचो रे बरातियों
(गाओ रे साथियों, नाचो रे बरातियों)
आकाश के तारों को ज़रा चूम के निकले
गलिओं से बाजरों से ज़रा घूम के निकले
(आकाश के तारों को ज़रा चूम के निकले)
(गलियों से बाजरों से ज़रा घूम के निकले)
♪
होंगे वो और दीवाने
तू जिनको झुका दे ऐसे
हाँ, होंगे वो और दीवाने
तू जिनको झुका दे ऐसे
तू क्या कोई भी हसीना
हमें ठोकर लगा दे कैसे
तेरा झुमका गुरूर, नशे में तू है चूर
नहीं तू कोई हूर, चले हम तुझसे दूर
यहाँ लाखों पड़े तेरे जैसे
यार लाखों पड़े तेरे जैसे
गाओ रे साथियों, नाचो रे बरातियों
(गाओ रे साथियों, नाचो रे बरातियों)
बारात उसी शान उसी धूम से निकले
आशिक़ की है बारात ज़रा झूम के निकले
गलियों से बाजरों से ज़रा घूम के निकले
गाओ रे साथियों, नाचो रे बरातियों
(गाओ रे साथियों, नाचो रे बरातियों)