歌词
ज़माने में सभी को
मिलते हैं ग़म
तुम न घबराना
यहाँ हर रात की
सुभह है हमदम
तुम न घबराना
ज़माने में सभी को
मिलते हैं ग़म
तुम न घबराना
चुरा लो तुम ख़ुशी के पल
मुक़द्दर के ख़ज़ाने से
भला तब दूर होते हैं
यह ग़म आंसूं बनने से
तुम्हारे साथ
होना हो यह आलम
तुम न घबराना
ज़माने में सभी को
मिलते हैं ग़म
तुम न घबराना
संभल जाओ संभल जाओ
अभी गिर के संभलना है
उठो वाडे निभाने हैं
उठो कुछ दूर चलना हैं
चलेंगे तो मंज़िल पाएंगे
तुम न घबराना
ज़माने में सभी को
मिलते हैं ग़म
तुम न घबराना
यहाँ हर रात की
सुभह है हमदम
तुम न घबराना