歌词
दुनियाँ से तुझको चुरा लूँ
इस दिल की तुझको बना लूँ धड़कन
मैं नहीं चाहता और कोई
मेरी जाने वफा तुझको देखे
किरणों के शम्मे बुझा दूँ
सूरज पे बदली गिरा लूँ चिलमन
मैं नहीं चाहता जाने जाना
कोई मेरे सिवा तुझको देखे
दुनियाँ से तुझको चुरा लूँ
झोंका कोई मस्त हवा का
क्यूँ तेरी जुल्फ़ से खेले .2
डर है कहीं आँख बचा के
आँचल का रंग ना ले ले
बाहों में तुझको छुपा लूँ.2
चेहरे को तेरे बना लूँ दर्पण
मैं नहीं चाहता जाने जाना
कोई मेरे सिवा तुझको देखे
दुनियाँ से तुझको चुरा लूँ
कलियों की रुत अलबेली
तुझको ना नजर लगाए.2
होठों को फूल समझ के
भँवरा कोई चूम ना जाए
सपनों में तुझको बसा लूँ.2
चाहत में तेरी बिता दूँ जीवन
मैं नहीं चाहता जाने जाना
कोई मेरे सिवा तुझको देखे
दुनियाँ से तुझको चुरा लूँ
...डॉ रचना अग्रवाल