歌词
यूँ लगा कोयलें जब लगी कूकने
यूँ लगा कोयलें जब लगी कूकने
जैसे छलनी किया हमको बंदूक
जैसे छलनी किया हमको बंदूक
हूक उठने लगी हँसते-हँसते मेरी
हूक उठने लगी हँसते-हँसते मेरी
आँख यूँ दबदबाई, मज़ा आ गया
तूने "रश्क-ए-क़मर"...
तूने "रश्क-ए-क़मर" कह दिया जब मुझे
ज़िंदगी मुस्कुराई, मज़ा आ गया
उफ़, ये दीवानगी, आशिक़ी में तेरी
ख़ाक ऐसी उड़ाई, मज़ा आ गया
(मेरे रश्क-ए-क़मर, तूने पहली नज़र)
(जब नज़र से मिलाई, मज़ा आ गया)
(जब नज़र से मिलाई, मज़ा आ गया)
ऐसे लहरा के तू रू-ब-रू आ गया
ऐसे लहरा के तू रू-ब-रू आ गया
धड़कने बेतहाशा तड़पने लगी
धड़कने बेतहाशा तड़पने लगी
तीर ऐसा लगा, दर्द ऐसा जगा
तीर ऐसा लगा, दर्द ऐसा जगा
चोट दिल पे वो खाई, मज़ा आ गया
तूने "रश्क-ए-क़मर"...
तूने "रश्क-ए-क़मर" कह दिया जब मुझे
ज़िंदगी मुस्कुराई, मज़ा आ गया
साँवली शाम में रंग से भर गए
थाम ली जब कलाई, मज़ा आ गया
(मेरे रश्क-ए-क़मर, तूने पहली नज़र)
(जब नज़र से मिलाई, मज़ा आ गया)
(जब नज़र से मिलाई, मज़ा आ गया)
(बर्क़ सी गिर गई, काम ही कर गई)
(बर्क़ सी गिर गई, काम ही कर गई)
(आग ऐसी लगाई, मज़ा आ गया)