歌词
है नादान सा कभी
कभी शरारतें भी तू करता है
ना सुनता है किसी की
मनमानियाँ बस अपनी करता है
तू अंजाना
है बातों से तेरी ऐ दीवाने क्या तू जाने
ये आदतें हैं सारी पुरानी
तू बाज़ आए न कभी
बेपरवाह हद
बेपरवाह हद
तू ऐसा क्यूं है, तू जाने न
बेपरवाह हद
बेपरवाह हद
तू ऐसा क्यूं है?
बेपरवाह हद
बेपरवाह हद
तू ऐसा क्यूं है, तू जाने न
बेपरवाह हद
बेपरवाह हद
तू ऐसा क्यूं है?
नासमझ बने तू
समझता पर सभी
हर बनती-बिगड़ती
चीजों में संभालता भी
नासमझ बने तू
समझता पर सभी
हर बनती-बिगड़ती
चीजों में संभालता भी
तू अंजाना
है बातों से तेरी ऐ दीवाने क्या तू जाने
ये आदतें हैं सारी पुरानी
तू बाज़ आए न कभी
बेपरवाह हद
बेपरवाह हद
तू ऐसा क्यूं है, तू जाने न
बेपरवाह हद
बेपरवाह हद
तू ऐसा क्यूं है?
बेपरवाह हद
बेपरवाह हद
तू ऐसा क्यूं है, तू जाने न
बेपरवाह हद
बेपरवाह हद
तू ऐसा क्यूं है?