歌词
तूने जो ग़म दिए थे, मंज़ूर हो गए
यूँ तेरे इश्क़ में हम मजबूर हो गए
इतने तबाह हुए कि मशहूर हो गए
यूँ तेरे इश्क़ में हम मजबूर हो गए
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लगता था जिनको जी कर हम-तुम करीब थे
लम्हे वो चाहतों के कितने अजीब थे
जाने वो क्या ख़ुशी थी, जिसकी तलाश थी
आँखों से बहती बारिश कितनी उदास थी
तेरे दर्द के सहारे है ज़िंदगी
तुझसे जुदा तो हूँ, पर रिहा नहीं
पलकों से ख़्वाब गिरते ही चूर हो गए
यूँ तेरे इश्क़ में हम मजबूर हो गए
तूने जो ग़म दिए थे, मंज़ूर हो गए
यूँ तेरे इश्क़ में हम मजबूर हो गए