歌曲 / 歌词

Banjaara

Listen on Apple Music

歌词

जिसे ज़िंदगी ढूँढ रही है
क्या ये वो मकाम मेरा है
यहाँ चैन से बस रुक जाऊँ
क्यूँ दिल ये मुझे कहता है
जज़्बात नए से मिले हैं
जाने क्या असर ये हुआ है
इक आस मिली फिर मुझको
जो क़ुबूल किसी ने किया है
♪
हाँ, किसी शायर की ग़ज़ल
जो दे रूह को सुकूँ के पल
कोई मुझको यूँ मिला है, जैसे बंजारे को घर
नए मौसम की सहर या सर्द में दोपहर
कोई मुझको यूँ मिला है, जैसे बंजारे को घर
♪
जैसे कोई किनारा, देता हो सहारा
मुझे वो मिला किसी मोड़ पर
कोई रात का तारा करता हो उजाला
वैसे ही रोशन करे वो शहर
दर्द मेरे वो भुला ही गया, कुछ ऐसा असर हुआ
जीना मुझे फिर से वो सीखा रहा
Hmm, जैसे बारिश कर दे तर या मरहम दर्द पर
कोई मुझको यूँ मिला है, जैसे बंजारे को घर
नए मौसम की सहर या सर्द में दोपहर
कोई मुझको यूँ मिला है, जैसे बंजारे को घर
♪
मुस्काता ये चेहरा, देता है जो पहरा
जाने छुपाता क्या दिल का समंदर
औरों को तो हरदम साया देता है
वो धूप में है खड़ा खुद मगर
चोट लगी है उसे फिर क्यूँ महसूस मुझे हो रहा है
दिल तू बता दे क्या है इरादा तेरा
Hmm, मैं परिंदा बे-सबर, था उड़ा जो दरबदर
कोई मुझको यूँ मिला है, जैसे बंजारे को घर
नए मौसम की सहर या सर्द में दोपहर
कोई मुझको यूँ मिला है, जैसे बंजारे को घर
जैसे बंजारे को घर, जैसे बंजारे को घर
जैसे बंजारे को घर