歌词 स्थायी महम्मद शहा रंगिल रे बलमा तुम बिन मैं का, कारी बदरिया ने कर सुहावे अंतरा घुमड घुमड घन आवे नैना नजर लगावे तरसे सदा रंगीले को सुख दाई चमक, बिजुरी डरावे