歌词
ख़ुदा करे कि मोहब्बत में ये मक़ाम आए
ख़ुदा करे कि मोहब्बत में ये मक़ाम आए
किसी का नाम लूँ, लब पे तुम्हारा नाम आए
ख़ुदा करे कि मोहब्बत में ये मक़ाम आए
ख़ुदा करे
कुछ इस तरह से जिए, ज़िन्दगी बसर ना हुई
तुम्हारे बाद किसी रात की सहर ना हुई
सहर नज़र से मिले, ज़ुल्फ़ ले के शाम आई
किसी का नाम लूँ, लब पे तुम्हारा नाम आए
ख़ुदा करे कि मोहब्बत में ये मक़ाम आए
ख़ुदा करे
ख़ुद अपने घर में वो, मेहमान बन के आए हैं
सितम तो देखिए, अनजान बन के आए हैं
हमारी दिल की तड़प, आज कुछ तो काम आए
किसी का नाम लूँ, लब पे तुम्हारा नाम आए
ख़ुदा करे कि मोहब्बत में ये मक़ाम आए
ख़ुदा करे
वो ही है साज़, वो ही गीत है, वो ही मंज़र
हर एक चीज़ वो ही है, नहीं हो तुम वो मगर
उसी तरह से निगाहें उठें, सलाम आए
किसी का नाम लूँ, लब पे तुम्हारा नाम आए
ख़ुदा करे कि मोहब्बत में ये मक़ाम आए
ख़ुदा करे