歌词
आसमाँ के नीचे
हम आज अपने पीछे
प्यार का जहाँ बसा के चले
क़दम के निशाँ बना के चले
आसमाँ के नीचे
हम आज अपने पीछे
प्यार का जहाँ बसा के चले
क़दम के निशाँ बना के चले
♪
तुम चले तो फूल जैसे आँचल के रंग से
सज गई राहें, सज गई राहें
पास आओ, मैं पहना दूँ चाहत का हार ये
खुली-खुली बाँहें, खुली खुली बाँहें
जिसका हो आँचल ख़ुद ही चमन
कहिए, वो क्यूँ हार बाँहों के डाले?
अरे, आसमाँ के नीचे
हम आज अपने पीछे
प्यार का जहाँ बसा के चले
क़दम के निशाँ बना के चले
♪
बोलती हैं आज आँखें, कुछ भी ना आज तुम
कहने दो हम को, कहने दो हम को
बेख़ुदी बढ़ती चली है, अब तो ख़ामोश ही
रहने दो हम को, रहने दो हम को
एक बार, एक बार मेरे लिए
कह दो, खनके लाल होंठों के प्याले
आसमाँ के नीचे
हम आज अपने पीछे
प्यार का जहाँ बसा के चले
क़दम के निशाँ बना के चले
♪
साथ मेरे चलके देखो आई हैं धूम से
अब की बहारे, अब की बहारे
हर गली, हर मोड़ पे वो दोनों के नाम से
हम को पुकारे, तुम को पुकारे
कह दो, बहारों से आएँ इधर
उन तक उठकर हम नहीं जाने वाले
अरे, आसमाँ के नीचे
हम आज अपने पीछे
प्यार का जहाँ बसा के चले
क़दम के निशाँ बना के चले
आसमाँ के नीचे
हम आज अपने पीछे
प्यार का जहाँ बसा के चले
क़दम के निशाँ बना के चले