歌词
गुप्त फ़िल्मों का ज़माना
फिर talkie फ़िल्में
और फिर १९४० से १९६० का
वो सुनहरा दौर चलता रहा
और फ़िल्मों की आकाशगंगा
कई दिग्गज संगीतकारों से चमकती रही
जो अपनी जगह बनाए रखे थे
मुश्किल था किसी और का आना
मगर अचानक एक ठंडी हवा का झोंका आया
और अपने संगीत के जादू से सबको पीछे छोड़ गया
Shankar-Jaikishan के बारे में Lata जी ने हम से कहा
इतने अच्छे music directors यहाँ थे
हर music director का एक अपना style था
फिर आएँ Shankar-Jaikishan
फिर मैंने Shankar-Jaikishan का style शुरू किया
वो एक अलग सा अंदाज़ था
मुझे तुम मिल गए, हमदम, सहारा हो तो ऐसा हो
जिधर देखूँ उधर तुम हो, नज़ारा हो तो ऐसा हो
मुझे तुम मिल गए, हमदम, सहारा हो तो ऐसा हो
जिधर देखूँ उधर तुम हो, नज़ारा हो तो ऐसा हो
मुझे तुम मिल गए, हमदम...
किसी का चाँद सा चेहरा नज़र से चूम लेती हूँ
किसी का चाँद सा चेहरा नज़र से चूम लेती हूँ
खुशी की इंतहा ये है, नशे में झूम लेती हूँ
नशे में झूम लेती हूँ
हुई तक़दीर भी रोशन, सितारा हो तो ऐसा हो
जिधर देखूँ उधर तुम हो, नज़ारा हो तो ऐसा हो
मुझे तुम मिल गए, हमदम...
मेरी आँखों में आँसू हैं, मगर आँसू ख़ुशी के हैं
मेरी आँखों में आँसू हैं, मगर आँसू ख़ुशी के हैं
किसे छोड़ूँ, किसे पा लूँ, ये रिश्ते ज़िंदगी के हैं
ये रिश्ते ज़िंदगी के हैं
हमें तो नाज़ है तुम पर, हमारा हो तो ऐसा हो
जिधर देखूँ उधर तुम हो, नज़ारा हो तो ऐसा हो
मुझे तुम मिल गए, हमदम...
उधर दिल है, इधर जाँ है, अजब मुश्किल का समाँ है
उधर दिल है, इधर जाँ है, अजब मुश्किल का समाँ है
लबों पर मुस्कुराहट है, मगर साँसों में तूफ़ाँ है
मगर साँसों में तूफ़ाँ है
ये मैं जानूँ या तुम जानो, इशारा हो तो ऐसा हो
जिधर देखूँ उधर तुम हो, नज़ारा हो तो ऐसा हो
मुझे तुम मिल गए, हमदम, सहारा हो तो ऐसा हो
जिधर देखूँ उधर तुम हो, नज़ारा हो तो ऐसा हो
मुझे तुम मिल गए, हमदम...