歌词
लमहा यूँ दुखता क्यूँ?
क्यूँ मैं १०० दफ़ा ख़ुद से हूँ ख़फ़ा?
कैसे पूछूँ निकला क्यूँ
इतना बेवफ़ा? ख़ुद से हूँ ख़फ़ा?
ख़ाहिशें तो करते हैं
ज़िंदगी से डरते हैं, डूबते-उबरते हैं
टूटे जो तारे, रूठे हैं सारे
दिल, तू उड़ जा रे, रस्ता दिखला रे
♪
नैना ये गुमसुम से, चाहें ये क्या?
मुझ को क्या पता
इन में जो सपने थे, क्यूँ वो लापता?
मुझ को क्या पता
♪
ख़ाहिशें तो करते हैं
ज़िंदगी से डरते हैं, डूबते-उबरते हैं
टूटे जो तारे, रूठे हैं सारे
दिल, तू उड़ जा रे, रस्ता दिखला रे