歌词
नदियाँ हैं हम बहने दो
सैलाब हैं बहने दो
रोके से हम कब हैं रुके
बधनें से कब हैं बंधे
बहने दो
नदियाँ हैं हम बहने दो
सैलाब हैं बहने दो
हम ही आलम, हम ही कज़ा हैं-२
हम ही गर्दिश की वजह हैं
हम ही तबियत अरमानों की,
हम ही अदा हैं तूफानों की
हम ... रोके ना रुकें
ऐसा इन्कलाब हैं
नदियाँ हैं हम बहने दो
सैलाब हैं बहने दो
रोके से हम कब हैं रुके
बधनें से कब हैं बंधे
बहने दो ...