歌词
जो ग़म दिए हैं तो
रोने की मोहलत भी दे
सब छीन ले पर
हिसाब की दौलत भी दे
थाम ज़रा टूट रही है
हौसलों की दीवार
परवरदिगार, मेरे परवरदिगार
परवरदिगार, मेरे परवरदिगार
♪
इतनी तो रहमत कर
थोड़ी तो ज़हमत कर
महशर में मैं हूँ खड़ा
तुझ पर यक़ीन है बड़ा
सीने से अपने लगा
उम्मीद कोई जगा
टूटे सबर, इतना तो कर
जाऊँ ना मैं हार
परवरदिगार, मेरे परवरदिगार
परवरदिगार, मेरे परवरदिगार
♪
ऊँचे मकानों में तू
है आसमानों में तू
इतना तो हक़ है मेरा
मैं भी हूँ बंदा तेरा
मुझको दिलासे दे
बस कुछ ज़रा से दे
कुछ बोल दे हैं डोलते "साँसों के तार"
परवरदिगार, मेरे परवरदिगार
परवरदिगार, मेरे परवरदिगार