歌词
मुझे छू रहीं हैं तेरी गर्म साँसे
मेरे रात और दिन मेहकने लगे हैं
तेरी नर्म सांसों ने ऐसे छुआ है
के मेरे तो पाँव बहकने लगे हैं
♪
लबों से अगर तुम बुला ना सको तो
निगाहों से तुम नाम लेकर बुला लो
तुम्हारी निगाहें बोहत बोलती हैं
जरा अपनी आँखों पे पलके गिरा दो
मुझे छू रही हैं तेरी गर्म सांसे
मेरे रात और दिन मेहकने लगे हैं
♪
पता चल गया है कि मंज़िल कहाँ है
चलो दिल के लंबे सफ़र पे चलेंगे
सफ़र खत्म कर देंगे हम तो वहीं पर
जहाँ तक तुम्हारे कदम ले चलेंगे
मुझे छू रही हैं तेरी गर्म साँसें
मेरे रात और दिन मेहकने लगे हैं
तेरी नर्म साँसों ने ऐसे छुआ है
के मेरे तो पाँव बहकने लगे हैं