歌词
"आवारा" कहता था मुझे ये जहाँ
जिस दिन से पाया जानम तुझे मेहरबाँ
"आवारा" कहता था मुझे ये जहाँ
जिस दिन से पाया जानम तुझे मेहरबाँ
आबाद होने लगी सूनी सी ये ज़िन्दगी
करने लगा प्यार मैं, करने लगा आशिक़ी
मेरे दिल ने पुकारा "आवारा, आवारा, आवारा"
"आवारा" कहता था मुझे ये जहाँ
जिस दिन से पाया जानम तुझे मेहरबाँ
"आवारा" कहता था...
♪
कुछ तेरे जलवों ने दीवाना किया
कुछ तो इस दिल से भी शरारत हुई
मेरे तसव्वुर में बसी तू ही तू
तुझसे ओ जानम यूँ मोहब्बत हुई
सदियों से मुझको थी तेरी आरज़ू
बदली है किस्मत ये जब से मिली तू
आबाद होने लगी सूनी सी ये ज़िन्दगी
करने लगा प्यार मैं, करने लगा आशिक़ी
मेरे दिल ने पुकारा "आवारा, आवारा, आवारा"
"आवारा" कहता था...
♪
जिस दिन से नज़रों में तू शामिल हुई
हर शय में करता हूँ नज़ारा तेरा
यूँ ही भटकता रहता मैं सारी उमर
मुझको अगर ना मिलता सहारा तेरा
अब कोई हसरत है ना कुछ आस है
तेरी वफ़ा अब तो मेरे पास है
आबाद होने लगी सूनी सी ये ज़िन्दगी
करने लगा प्यार मैं, करने लगा आशिक़ी
मेरे दिल ने पुकारा "आवारा, आवारा, आवारा"