歌词
क्यूँ है ये ख़ामोशियाँ?
जाने क्यूँ ठहरी सी है ज़ुबाँ
जाने क्या हो गया, मौसम भी है नया
सूखी ज़मीं, भीगा है आसमाँ
♪
क्यूँ हैं ये ख़ामोशियाँ?
जाने क्यूँ ठहरी सी है ज़ुबाँ
जाने क्या हो गया, मौसम भी है नया
सूखी ज़मीं, भीगा है आसमाँ
क्यूँ हैं ये मजबूरियाँ?
जाने क्यूँ बेबस हैं हम यहाँ
जाने क्या हो गया, मौसम भी है नया
सूखी ज़मीं, भीगा है आसमाँ
जो पहले थी, अब वो नहीं हैं हवाएँ
क्या हो गया है, ये कैसे बताएँ?
पहले थी, अब वो नहीं हैं हवाएँ
क्या हो गया है, ये कैसे बताएँ?
♪
हमने सोचा नहीं था
आँसू में डूबेगा लम्हा ख़ुशी का
कैसे ये सिलसिले हैं?
हैं पास, फिर भी बहुत फ़ासले हैं
क्यूँ हैं ये तनहाइयाँ?
जाने क्यूँ सूना सा है जहाँ
दिन जैसे रात है, जाने क्या बात है
रूठा हुआ है हमसे ये समाँ
जो पहले थी, अब वो नहीं हैं हवाएँ
क्या हो गया है, ये कैसे बताएँ?
♪
रिश्ते बिखरे हुए हैं
फिर से इन्हें जोड़ लें, सोचते हैं
राहें कहने लगी हैं
अपनी जुदा कोई मंज़िल नहीं है
क्यूँ हैं ये ख़ामोशियाँ?
जाने क्यूँ ठहरी सी है ज़ुबाँ
जाने क्या हो गया, मौसम भी है नया
सूखी ज़मीं, भीगा है आसमाँ
क्यूँ हैं ये मजबूरियाँ?
जाने क्यूँ बेबस हैं हम यहाँ
जाने क्या हो गया, मौसम भी है नया
सूखी ज़मीं, भीगा है आसमाँ
जो पहले थी, अब वो नहीं हैं हवाएँ
क्या हो गया है, ये कैसे बताएँ?
पहले थी, अब वो नहीं हैं हवाएँ
क्या हो गया है, ये कैसे बताएँ?