歌词
अपनेही रंग रंग दे
सावरा मोरा जियरा
चितवन को देख थानी चुनरी
मैं पिया बावरी
अखीयन को दे धूप सुनहरी
मैं भई सावरी
रंग दे... सावरा
तोरे रंग जो ढल-ढल जाऊ
मुझमें काही मैं नज़र ना आऊ
ऐसो समर्पण कर दू तन-मन
तुमरी छबी हो मोरा दर्पण
सुनले अरजिया सुन रंगरसिया
मोरे मन बसिया
रंग दे... सावरा
अपनेही रंग रंग दे
सावरा मोरा जियरा