歌词
दाता मेरे दाता तूने लिखी क्यूँ
बेटी की जुदाई तकदीर में?
बेटी को तो कोई ना रोक पाए
चाहे इसे बांधे ज॑जीर में
हाय रबा! आए क्यूँ विदाई की घड़ी?
रोके से सके ना शुवन की लड़ी
माँ की ममता को भुला के
भईया भाभी को रूला के
सखियों से दामन छुड़ा के
आँखों से आँसू छलका के
मायके की गली छोड़ के
तुझे जाना होगा
तुझे जाना होगा
तुझे जाना होगा
तुझे जाना होगा