歌词
आज सजके निकली है मेरी लैला
मेरी लैला मेरी लैला
के लोगो को पसीना आ गया
के लोगो को पसीना आ गया
बे मौसम होगी बारिश बारिश
बे मौसम होगी बारिश
बे मौसम होगी बारिश जैसे सावन
जैसे सावन का महीना आ गया
आज सजके निकली है मेरी लैला
मेरी लैला मेरी लैला
के लोगो को पसीना आ गया
के लोगो को पसीना आ गया
चाल में उसकी एक नशा है
जो होगा न किसी बोतल में
आँखों से उसकी बरसी है शोले
जैसे बिजली चमके है बदल में
वो लगती है
वो लगती है एक क़यामत
एक क़यामत एक क़यामत
जिसे देख के मुझ को जीना आ गया
जिसे देख के मुझ को जीना आ गया
आज सजके निकली है मेरी लैला
मेरी लैला मेरी लैला ओ लैला
के लोगो को पसीना आ गया
के लोगो को पसीना आ गया