歌词
आजा रे, परदेसी
मैं तो कब से खड़ी इस पार
ये अखियाँ थक गई पंथ निहार
आजा रे, परदेसी
मैं तो कब से खड़ी इस पार
ये अखियाँ थक गई पंथ निहार
आजा रे, परदेसी
♪
मैं नदियाँ, फिर भी मैं प्यासी
भेद ये गहरा, बात ज़रा सी
मैं नदियाँ, फिर भी मैं प्यासी
भेद ये गहरा, बात ज़रा सी
बिन तेरे हर साँस उदासी, ओ
आजा रे, मैं तो कब से खड़ी इस पार
ये अखियाँ थक गई पंथ निहार
आजा रे, परदेसी
♪
तुम संग जनम-जनम के फेरे
भूल गए क्यूँ साजन मेरे?
तुम संग जनम-जनम के फेरे
भूल गए क्यूँ साजन मेरे?
तड़पत हूँ मैं साँझ-सँवेरे, ओ
आजा रे, मैं तो कब से खड़ी इस पार
ये अखियाँ थक गई पंथ निहार
आजा रे, परदेसी