歌词
बचपन बेपरवाह गलियों में खिला
हद-अनहद जहाँ मासूम कारवाँ
वो रहते अनछुए 'गर बदले ना उन्हें
हम कह के ज़िंदगी जो नहीं सही
हम एक से हैं, फिर क्यूँ ये फ़ासले हैं?
रंग अलग हो तो क्या? साँसों में तो है एक हवा
हम एक से हैं, फिर क्यूँ ये फ़ासले हैं?
क्यूँ ना जाने हम ये कि थोड़े से प्यार की है बस कमी?
♪
परिंदे ख़्वाबों के थामे हाथ उड़ें
नाचें सारी रात ख़ुशी लेके साथ
इक दिन वो देख ले ख़फ़ा से ख़्वाब हुए
वो कहेंगे यही ज़िंदगी जो नहीं सही
हम एक से हैं, फिर क्यूँ ये फ़ासले हैं?
रंग अलग हो तो क्या? साँसों में तो है एक हवा
हम एक से हैं, फिर क्यूँ ये फ़ासले हैं?
क्यूँ ना जाने हम ये कि थोड़े से प्यार की है बस कमी?
हम दे 'गर थोड़ा प्यार, mmm, मिलेगा बेशुमार
भूले से ना भूलें, हम एक दिल हैं
♪
हम एक से हैं, फिर क्यूँ ये फ़ासले हैं?
रंग अलग हो तो क्या? साँसों में तो है एक हवा
हम एक से हैं, फिर क्यूँ ये फ़ासले हैं?
क्यूँ ना जाने हम ये कि थोड़े से प्यार की है बस कमी?